24-June-2022

Before Publish News

Before Publish News Covers The Latest And Trending News on Village, City, State, Country, Foreign, Politics, Education, Business,Technology And Many More

मुंगेर को बड़ा तोहफा, 11 फरवरी को श्रीकृष्ण सेतु के नवनिर्मित सड़क पुल जनता को समर्पित

Share This Post:

न्यूज़ डेस्क: 11 फरवरी को श्रीकृष्ण सेतु के नवनिर्मित सड़क पुल को औपचारिक रुप से जनता को समर्पित किया जाएगा. रेलवे से स्वीकृति के बाद श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन शुरु होगा. पहले घोरघट ब्रिज फिर श्रीकृष्ण सेतु का उद्घाटन होगा. श्रीकृष्ण सेतु से होकर अभी भारी वाहनों का परिचालन आरंभ नहीं होगा. शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन नवीन गड़कड़ी द्वारा इस सेतु के औपचारिक उद्घाटन के बाद अभी केवल इस पर छोटे निजी वाहन, सवाड़ी वाहन एवं कम भारक्षमता वाले मालवाहक वाहन का ही परिचालन होगा.

जबकि बड़े भारीवाहनों के परिचालन के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा. इसके लिए जब रेलवे से स्वीकृति मिलेगी तब जाकर कहीं भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन आरंभ होगा. इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा रेलवे से स्वीकृति मांगा गया है. विदित हो कि अभी श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ का कई हिस्से का पूरी तरह से निर्माण नहीं हो पाया है. जबकि कई स्थानों पर अभी रिटेनिंग वाल आदि का भी निर्माण शेष है.

पहले घोरघट ब्रिज का फिर श्रीकृष्ण सेतु का लोकार्पण करेंगे सीएम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पहले घोरघट में एनएच 80 पर निर्मित पुल का उद्धाटन करेंगे. इसके बाद वे मुंगेर पहुचेंगे. जहां टीकारामपुर के निकट स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल से श्रीकृष्ण सेतु का उद्घाटन करेंगे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़कड़ी वर्जुअली रुप से जुड़ेगे. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हवाई मार्ग से घोरघट पहुंचेंगे. इसके लिए घोरघट ब्रिज के पास हेलीपैड का निर्माण कराया जा रहा है. इसके बाद वे सड़क मार्ग से मुंगेर पहुंचेंगे. जहां मुख्य कार्यक्रम स्थल से सेतु के उद्घाटन तथा जनसभा को संबोधित करने के बाद वे श्रीकृष्ण सेतु से सड़क मार्ग द्वारा उस पार जाएंगे. इसके बाद साहेबपुर कमाल से हेलीकाप्टर के माध्यम से पटना रवाना हो जाएंगे. इसके लिए साहेबपुर कमाल के पास भी हेलीपैड का निर्माण कराया जा रहा है.

मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री एवं कई कैबिनेट मंत्री कार्यक्रम में शामिल होंगे. बतातें चलें कि श्रीकृष्ण सेतु के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा स्थानीय सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री क्रमश: तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के अलवा कई अन्य मंत्री, विधान पार्षद एवं स्थानीय विधायक कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसको लेकर प्रशासन एवं एनएचएआई द्वारा व्यापक तौर पर तैयारी की जा रही है.

डीएम सहित अन्य अधिकारियों ने एप्रोच पथ सहित कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

इधर शुक्रवार को होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर डीएम नवीन कुमार ने मुख्य कार्यक्रम स्थल सहित एप्रोच पथ का जायजा लिया. इस क्रम में उन्होंने एनएचएआई के पीडी प्रमोद कुमार महतो   को आवश्यक निर्देश दिए. इस क्रम में एडीएम विद्यानंद सिंह, डीडीसी संजय कुमार, प्रभारी एसडीओ संजीव कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. तेजी से निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है. विदित हो कि चौखंडी बीयूपी के पास मिट्‌टी भराई एवं समतलीकरण का कार्य चल रहा था. इसके अलावा यहां लगभग 300 मीटर से अधिक क्षेत्र में ब्लैक टाप अथवा सतह कालीकरण का कार्य शेष है.

इसके अलावा आईटीसी दूध फैक्ट्री के पास भी लगभग तीन सौ मीटर क्षेत्र में कार्य को अंतिम रुप दिया जाना शेष है. इस दोनों स्थान पर तेजी से कार्य को पूरा किया जा रहा है. ताकि पुल उद्घाटन के निर्धारित समय पर वाहन की आवाजाही के लिए एप्रोच पथ पूरी तरह से तैयार हो जाए. हालांकि निर्माण प्रक्रिया के अभी लगभग एक माह तक चलते रहने की संभावना है. क्योंकि अभी कई स्थानों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण, सड़क के दोनों ओर पौधरोपण सहित अन्य कार्य शेष है.

डबल डेकर रेल सह सड़क पुल के निर्माण पर 2777 करोड़ रुपए हुए खर्च, एप्रोच पथ निर्माण पर 696 करोड़ आई कुल लागत

विदित हो कि इस डबल डेकर रेल सह सड़क पुल के निर्माण पर कुल 2777 करोड़ रुपए लागत आई है. जबकि केवल एप्रोच पथ के निर्माण पर 696 करोड़ रुपए खर्च किया गया है. इसमें से निर्माण कार्य पर कुल 227 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. जबकि शेष 419 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा पर खर्च किया गया है. विदित हो कि गंगा पर निर्मित रेल सह सड़क सेतु की कुल लंबाई 3.75 किलोमीटर है. जबकि इससे जुड़ने वाले एप्रोच पथ अर्थात एनएच 333बी की लंबाई 14.517 किलोमीटर है। मुंगेर की ओर एप्रोच पथ की लंबाई 9.394 किलोमीटर तथा खगड़िया की ओर एप्रोच पथ की लंबाई 5.198 किलोमीटर है.

इस प्रकार यदि हम एप्रोच पथ एवं रेल सह सड़क पुल की कुल लंबाई जोड़ दें तो एनएच 333बी कुल लंबाई 18.267 किलोमीटर होगी. जबकि यह एनएच 333बी खगड़िया एवं बेगूसराय के बीच एनएच 31 को तथा मुंगेर के तेलिया तलाब के पास एनएच 80 को आपस में जोड़ेगा. इस एनएच 333बी के चालू हो जाने से मुंगेर एवं खगड़िया के बीच की कुल दूरी महज 11 किलोमीटर रह जाएगी तथा मुंगेर से बेगूसराय के बीच की दूरी घटकर महज 44 किलोमीटर लगभग रह जाएगी.

अब मुंगेर से बेगूसराय आना-जाना आसान होगा

अब मुंगेर से बेगूसराय आना-जाना आसान होगा. यह एनएच-31 से मिलेगी. वर्तमान में राजेन्‍द्र सेतु को भारी वाहनों के लिए बंद किया गया है, जिसके कारण वाहनों को मुंगेर से बेगूसराय जाने के लिए भागलपुर से नवगछिया होते हुए जाना पड़ रहा था. इस पुल से आवागमन चालू होने से विक्रमशिला सेतु पर दबाव कम होगा. इस पुल का शिलान्यास तत्‍कालीन प्रधानमंत्री स्‍व अटल बिहारी वाजपेयी ने 26 दिसंबर 2002  में किया था.2016 में इस पुल का नामाकरण स्वतंत्रता सेनानी एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर किया गया था। इस पुल के निर्माण से मुंगेर उत्तर बिहार से सीधे जुड़ जाएगा तथा इससे क्षेत्र का विकास होगा.