01-December-2022

Before Publish News

Before Publish News Covers The Latest And Trending News on Village, City, State, Country, Foreign, Politics, Education, Business,Technology And Many More

जानना जरूरी: क्या आप जानते हैं मृत्यु के बाद पैन और आधार कार्ड का क्या करना चाहिए? अगर नहीं, तो जान लें ये जरूरी नियम

Share This Post:

न्यूज़ डेस्क: आधार कार्ड और पैन कार्ड भारत में अब एक अनिवार्य दस्तावेज हैं। इनके बिना अब कोई भी काम नहीं किया जा सकता है। स्कूल में दाखिला लेना, बैंक में खाता खुलवाने से लेकर बड़े से बड़ा काम करने के लिए आधार कार्ड बेहद जरूरी है। जीते जी इन डॉक्यूमेंट्स की कई जगह जरूरत पड़ती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मरने के बाद भी इन डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी कई फॉर्मैलिटी होती हैं। क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि मृत्यु के बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड का क्या किया जाता है? आज हम आपको बताएंगे कि आखिर मृत्यु के बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड का क्या होता है? इससे पहले कि आप किसी भी मुश्किल में फंसें, आपको पता होना चाहिए कि मृत्यु के बाद इन जरूरी दस्तावेजों के साथ क्या करना चाहिए? दरअसल, मृत्यु के बाद पैन कार्ड को सरेंडर करना होता है। लेकिन इससे पहले भी कई फॉर्मैलिटी होती हैं। इसी तरह आधार कार्ड को डेथ सर्टिफिकेट से लिंक कराना होता है।

पैन कार्ड डीमैट अकाउंट, बैंक अकाउंट व इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट है। इसलिए पैन कार्ड को तब तक संभालकर रखें जब तक इस तरह के सभी अकाउंट्स पूरी तरह से बंद न हो जाएं। सबसे जरूरी आईटीआर दाखिल करते समय पैन कार्ड तब तक रखना चाहिए, जब तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से लेकर आईटी डिपार्टमेंट की सभी प्रक्रिया पूरी न हो जाए।

यदि मृतक का कोई भी टैक्स रिफंड बकाया है, तो सुनिश्चित कर लें कि उसके खाते में रिफंड आ गया हो। खातों को बंद करने और आयकर रिटर्न से जुड़े सारे मामले निपटने के बाद कानूनी उत्तराधिकारी मृतक व्यक्ति के पैन को आईटी विभाग को सौंप सकते हैं।

पैन कार्ड को कैसे करें सरेंडर?
मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी को जिसके अधिकार क्षेत्र में पैन कार्ड रजिस्टर्ड है, उस असेसमेंट ऑफिसर को एक एप्लीकेशन लिखना होगा। इस एप्लीकेशन में पैन कार्ड सरेंडर करने की वजह का जिक्र होना चाहिए। हालांकि पैन कार्ड सरेंडर करना अनिवार्य नहीं है। आगर आपको लगता है कि भविष्य में इसकी कभी जरूरत पड़ सकती है।

डेथ सर्टिफिकेट से लिंक कराएं आधार
आधार कार्ड की बात करें तो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद इसको नष्ट करने या डीएक्टिवेट करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि मालिक की मृत्यु के बाद आधार के गलत इस्तेमाल से बचने के लिए इसे डेथ सर्टिफिकेट से लिंक कराना बेहद जरूरी है। अभी आधार को डिएक्टिवेट करने के लिए रजिस्ट्रार से मृत व्यक्तियों का आधार नंबर लेने का कोई प्रावधान नहीं है।