01-December-2022

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अब ATM से पैसे निकालना और भी होगा महंगा, एटीएम चार्ज के अलावा इन सर्विस के लिए भी शुल्क वसूलेंगे बैंक

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न्यूज़ डेस्क: नए साल से देश में बैंकिंग सेवाएं महंगी होने वाली हैं. लिमिट के बाद एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा शुल्क चुकाने होंगे. एक जनवरी से देश के सभी बैंकों ने एटीएम चार्ज 5 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है.1 जनवरी से महीने की लिमिट पूरा होने के बाद एटीएम से नकदी निकालने पर हर बार 21 रुपये प्लस जीएसटी चुकाना होगा. यह रकम अब तक 20 रुपये थी जिसे बढ़ाकर 21 रुपये किया गया है. लेकिन 18 परसेंट का जीएसटी जोड़ें तो अतिरिक्त 3.78 रुपये और चुकाने होंगे. इस तरह हर निकासी पर आपको लगभग 25 रुपये का शुल्क चुकाना होगा.

यहां ध्यान देना होगा कि यह फीस आपको तभी चुकाना होगा जब हर महीने आपको मिलने वाले फ्री ट्रांजेक्शन एटीएम विड्रॉल के बाद पैसे निकाले जाएंगे. अभी मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में हर महीने अपने बैंक के एटीएम से 5 बार और किसी दूसरे बैंक के एटीएम से 3 बार मुफ्त ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. नॉन मेट्रो शहरों में अपने और किसी दूसरे बैंकों के एटीएम से 5-5 बार मुफ्त में ट्रांजेक्शन किया जा सकता है. इसके बाद कोई भी ट्रांजेक्शन करने पर आपको फीस देनी होगी.

जानिए कितना लगेगा चार्ज

अब 1 जनवरी से एटीएम से पैसे निकालते वक्त यह याद रखना पड़ेगा कि इससे पहले अपने या किसी दूसरे बैंक के एटीएम से कितनी दफा पैसे निकाल चुके हैं. अब आपको यह भी जानना चाहिए कि एटीएम शुल्क के अलावा भी कई चार्ज हैं जो बैंक आपसे वसूलते हैं. हो सकता है कि कई चार्ज के बारे में आपको जानकारी भी नहीं होगी.

जैसे कैश ट्रांजेक्शन, मिनिमम बैलेंस, नए एटीएम कार्ड और चेकबुक जारी करने के शुल्क आदि. ऐसी तमाम कई सेवाएं हैं जो आपको मुफ्त में नहीं मिलतीं और आपको उसके लिए पैसे चुकाने होते हैं. आप अगर सेविंग खाताधारक हैं तो आपको जरूर पता होगा कि खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो इसके एवज में बैंक आपसे शुल्क वसूलता है. यह शुल्क अचानक ही कट जाता है और आप शायद इस पर ध्यान नहीं देते. जब पासबुक अपडेड कराते हैं तो पता चलता है कि फलां सर्विस के लिए आपके खाते से पैसे कट गए.

बैंकों ने कितनी की कमाई

सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों की तरफ से 1 हजार से लेकर 10 हजार तक की राशि मिनिमम बैलेंस के रूप में निर्धारित की जाती है. अगर यह मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं तो हर महीने के हिसाब से 150 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा. अगर आपका खाता जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट है या जनधन खाता है तो मिनिम बैलेंस को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं क्योंकि इसमें पैसे नहीं कटते. इन दोनों अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की कोई शर्त नहीं है. एक सरकारी आंकड़ा बताता है कि 2017-18 में ही बैंकों ने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस न रख पाने के एवज में 5,000 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले थे.

ट्रांजेक्शन से पहले जान लें नियम

हालिया आंकड़े बताते हैं कि 2015 से 2018 तक बैंक खाते में न्यूनतम राशि नहीं मेंटेन कर पाने और फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा पार करने पर लगे शुल्क से बैंकों ने ग्राहकों से 11,500 करोड़ रुपये वसूले थे. आप भी इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो खाते से पैसे कट सकते हैं और आपको पता भी नहीं चलेगा. इससे बचने का यही उपाय है कि बैंक अधिकारी से अपने खाते से जुड़ी सेवाओं और उन पर लिए जाने वाले चार्ज के बारे में जरूर जानकारी लें और नियमों के मुताबिक ही ट्रांजेक्शन करें या खाते में बैलेंस बनाए रखें.