07-October-2022

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बांका: अमरपुर में सौ वर्षों से वैष्णवी विधि से होती है मां दुर्गा की पूजा, 60 वर्षों से हो रही अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ

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अमरपुर शहर में स्थित मां दुर्गा की मंदिर

रिपोर्ट/-कुंदन कुमार/-बांका: अमरपुर शहर में स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर का महिमा बड़ी ही निराली है। मंदिर की ख्याति अमरपुर प्रखंड समेत आस -पास के क्षेत्रों में फैली हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब सौ वर्ष पुर्व से ही अमरपुर में पूरी श्रद्धा से लोग मां की अराधना करते आ रहे हैं। मेढ़पति के रूप में पुर्व में भूषण स्वर्णकार थे। उनके निधन के बाद उनके पुत्र लक्ष्मी साह मेढ़पति रहे आज उनके निधन के बाद उनके वंशज कैलाश साह मेढ़पति के रूप में कार्य कर रहे हैं। पूर्व के मेढ़पति भूषण स्वर्णकार मिट्टी की छोटी-छोटी प्रतिमा बनाकर मां की अराधना करते थे।

समय बदलने के साथ शहर के जगदीश साह कसेरा को प्रतिमा बनाने का कार्य मिला और आज 80 वर्षों से जगदीश साह कसेरा के वंशज मंदिर में प्रतिमा बनाने का कार्य करते आ रहे हैं। विगत 60 वर्षों से मंदिर में पंडितो द्वारा अखंड दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है जबकि वैष्णवी विधि से पुजा अर्चना का इतिहास सौ वर्ष पुराना है। दुर्गा पूजा के दौरान आचार्य पंडित अशोक झा के नेतृत्व में विद्वान पंडितों की टोलियों द्वारा अखंड रूप से ‘सर्वा वाधा विनिर्मुक्तो” का मंत्रोच्चार अमरपुर शहर में गुंजायमान होता रहता है। पुजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार साह उर्फ पप्पु साह के नेतृत्व में सदस्यों की कड़ी मेहनत से विशाल मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से पुजा के दौरान संध्या में महाआरती का आयोजन किया जाता है जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गण शामिल होते हैं। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु अपनी मन्नतें मांगते हैं उनकी मन्नतें माता रानी पुरी कर देतीं हैं। दुर्गा पूजा के पश्चात प्रतिमा विसर्जन भी काफी धूमधाम से किया जाता है।

शहर के दोनों दुर्गा मंदिर की प्रतिमा एकादशी की सुबह में विसर्जन के लिए उठाई जाती है, जिसमें ना सिर्फ अमरपुर बल्कि आसपास के भी हजारों लोग शामिल होते हैं तथा शहर में हर मोहल्ले से गुजरते हुए प्रतिमा को चंसार पोखर लाया जाता है, जहां प्रतिमा को विसर्जित किया जाता है। प्रतिमा विसर्जन के बाद वहां पर ही प्रसाद का वितरण किया जाता है जिसे हजारों श्रद्धालु ग्रहण करते हैं। विगत दो वर्षों से कोरोना काल के कारण पूजा अर्चना में सीमित संख्या में श्रद्धालु गण शामिल हो रहे थे। पुजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि कोविड नियम के तहत ही मां की अराधना की जा रही है। कलाकार पुरी तत्परता के साथ प्रतिमा बनाने में जुटे हुए हैं। अमरपुर शहर के बीचों बीच कजरैली रोड पर मां दुर्गा मंदिर अवस्थित है। पुजा के दौरान दुर -दराज से श्रद्धालु पुजा अर्चना करने के लिए अमरपुर आते हैं।