26-June-2022

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Bihar: BPSC पेपर लीक कांड में बड़ी कार्रवाई, EOU ने सरकारी क्लर्क समेत 4 को किया गिरफ्तार, इतने लाख में डील

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PATNA: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त परीक्षा पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज हो गई है. बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता समेत चार को गिरफ्तार करने के बाद ईओयू (EOU) ने अब सरकारी कर्मी समेत 4 और लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में कृषि विभाग का एक क्लर्क राजेश कुमार का नाम भी शामिल है. बताया जा रहा है कि यह क्लर्क पेपर लीक करने वाले गिरोह का सदस्य है. ईओयू (EOU) ने बताया कि इस कांड में एक संगठित अपराधिक गिरोह की भूमिका सामने आयी है. इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने एसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में 14 सदस्यीय एसआईटी टीम बनायी है. जो BPSC पेपर लीक कांड की जांच में जुटी हुई है.

कृषि विभाग में क्लर्क राजेश कुमार के निशानदेही पर इनके द्वारा संचालित एक कंट्रोल रूम का भी खुलासा हुआ है. जो कदमकुआं थाना क्षेत्र के लोहानीपुर मोहल्ले में चलाया जा रहा था. इस पूरे गिरोह का सरगना आनंद गौरव उर्फ़ पिंटू यादव है. जो NIT पटना का छात्र रहा है. और यहां से इंजीनियरिंग करने के बाद इस प्रकार के गैर क़ानूनी धंधे में शामिल है. गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 2.92 लाख कैश कई बैंक अकाउंट्स, समेत कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को बरामद किया गया है. वहीं आनंद गौरव के बैंक खाते में करीब 12 लाख जमा होने की सूचना है. जिसके बाद अकाउंट को फ्रिज कर दिया गया है.

ईओयू (EOU) ने राजेश कुमार, कृषि विभाग में सहायक, कृष्ण मोहन सिंह वैशाली के देसरी हाई स्कूल में शिक्षक, निशिकांत कुमार राय और सुधीर कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है. वहीं कंट्रोल रूम से 2.92 लाख नकद, छह बैंक खाते, 152 जीपीएस डिवाइस, 47 जासूसी जीपीएस डिवाइस, सात वाकी-टाकी, 10 जीपीएस बैटरी, 11 यूएसबी केबल कनेक्टर, पांच सोल्डि़ंग उपकरण, दो ब्लूटूथ-इयरफोन के अलावा लैपटॉप, पेन कैमरा, मेटल डिटेक्टर, स्माल टूल किट, हीट गन, ग्लू इलेक्ट्रिक गन, मेजरमेंट टेप आदि की बरामदगी हुई है.

EOU एडीजी नैयर हसनैन खान के मुताबिक गिरोह का सरगना एनआईटी का छात्र है. इस गिरोह में कई सफेदपोश शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में अनुसंधान और गिरफ्तारी आगे भी रहेगी जारी. उन्होंने दावा किया है कि बीपीएससी में सक्रिय गिरोह में अधिकांश सदस्यों के नाम पता चल गया है. लेकिन जांच को ध्यान में रखते हुए उनके नाम अभी उजागर नहीं किये गए हैं. ADG के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से लंबी पूछताछ की गई. जिसके बाद इनके ठिकानों पर छापेमारी की गई.

बता दें कि बीते रविवार को आयोजित हुई बीपीएससी की 67वीं पीटी परीक्षा पांच घंटे बाद ही रद्द कर दी गयी. इस मामले की जांच करने के लिए एक स्पेशल कमेटी का गठन किया गया था. जिसे 2 घंटे में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. लेकिन कमेटी ने देर न करते हुए 3 घंटे में ही रिपोर्ट सौंप दी. आयोग के अध्यक्ष आरके महाजन ने प्रश्न पत्र लीक होने की जांच कराने के लिए डीजीपी से अनुरोध किया. आयोग के अनुरोध के बाद डीजीपी ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) को सौंप दी. EOU की 14 सदस्यों की विशेष टीम BPSC पेपर लीक कांड की जांच में जुटी हुई है. इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने एसपी सुशील कुमार के नेतत्व में एसआइटी बनायी है. 14 सदस्यीय इस टीम में साइबर एक्सपर्ट से लेकर ट्रेंड डीएसपी व इंस्पेक्टर तक को शामिल किया गया है.