05-December-2022

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BIHAR: बिहार बोर्ड के स्कूलों में लगेगा बायोमेट्रिक मशीन, बोर्ड 60 लाख छात्रों का लेगा फिंगरप्रिंट, जाने बोर्ड की पूरी योजना

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BIHAR: बिहार बोर्ड राज्य के 60 लाख से अधिक विद्यार्थियों का फिंगरप्रिंट लेगा। नौवीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों का फिंगर प्रिंट लिया जाएगा। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि नौवीं एवं 11वीं में रजिस्ट्रेशन के लिए फार्म भरवाने के वक्त और मैट्रिक एवं इंटर का परीक्षा फार्म भरवाते के समय फिंगर प्रिंट लिया जायेगा। इसके लिए राज्य के सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगेगी।

उन्होंने बताया कि अगले कुछ वर्षो में बिहार बोर्ड में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। 2016 से अब तक बोर्ड कें क्या-क्या बदलाव आए इन तमाम सुधारों पर अपनी राय साझा की। राय ने कहा कि कोरोना काल में रिजल्ट देना काफी चुनौतीपूर्ण था। मार्च 2020 में कोरोना आया। इससे पूर्व फरवरी में ही इंटर व मैट्रिक परीक्षा हो गयी थी।

फिर 2021 में मैट्रिक व इंटर की परीक्षा लेना और रिजल्ट देना काफी मुश्किल भरा रहा। नौ क्षेत्रीय कार्यालयों में स्कैनिंग का काम प्रारंभ हुआ। रिजल्ट हेतु ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटर का उपयोग किया गया। इससे समय की बचत हुई। रिजल्ट तैयार करने में लगने वाले ढाई महीने के समय को 15 से 20 दिन में किया गया। वहीं 2016 तक बिहार बोर्ड में कोई काम डिजिटली नहीं होता था। 2016 में पद संभालने के बाद देश के कई बोर्ड के साथ मीटिंग की। हर सेक्शन को मैन कंप्यूटर से जोड़ा। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने को बारकोडिंग प्रारंभ की। पिछले 3 सालों से बिहार बोर्ड देश में सभी बोर्ड से पहले परीक्षा ले रहा है और परिणाम जारी कर रहा है। बिहार बोर्ड अन्य देशों की बोर्ड परीक्षा प्रणाली का अध्ययन करेगा। इसके लिए शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय बैठक आयोजित होगी।

सिंगापुर, फिनलैंड व अन्य देशों से बातचीत हो रही है। 8-10 देशों की बोर्ड परीक्षा प्रणाली का अध्ययन कर नया मानक तैयार किया जायेगा। 2006 में सिविल सेवा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री पुरस्कार शुरू किया गया था। किन्तु कोरोना के कारण 2019, 2020 व 2021 में इसका आयोजन नहीं हो सका। मुझे 2020 के लिए यह पुरस्कार मिला है। देशभर में बिहार बोर्ड पहला है, जिसमें काम करते हुए यह पुरस्कार मिला है।

यह पुरस्कार मुझे बिहार बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को बेहतर करने हेतु प्रदान किया गया है। इस पुरस्कार ने बिहार बोर्ड को देशभर में सबसे ऊपर ला दिया है। पूरा बोर्ड कंप्यूटराइज हो गया है। सभी स्कूलों में परीक्षा फॉर्म भरने व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कंप्यूटर दिया गया है। इससे समय से स्कूल प्रशासन की देखरेख में फार्म भरवाये जाने लगे हैं। त्रुटिपूर्ण फार्म भरा जा रहा। अब हर स्कूल के पास कंप्यूटर का पूरा सेटअप है।

मुन्नाभाई अभी भी मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में पकड़े जाते हैं। जिसका हमें नामोनिशान मिटाना है। परीक्षा प्रणाली को इतना मजबूत हो जायेगा कि फर्जी छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके लिए इस सत्र से आर्टिफिेशियल इंटेलीजेंस लागू होगा जीससे फर्जी फोटो डाल कर परीक्षा देने वालों को तुरंत पकड़ा जा सके। इसके अलावा अब आधार वेरिफिकेशन भी किया जाएगा।

इससे यदि प्रमाणपत्र में कोई त्रुटि होता है तो आसानी से सुधार हो सकेगा। राज्य के 5 हजार माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को कंप्यूटर दिया जा चुका हैं। सभी स्कूलों को अब डिजिटल कंटेंट प्रदान किए जाएंगे जो हर विषय में होगा। हालांकि इसकी तैयारी प्रारंभ हो चुकी है। यह इसी सत्र के कैलेंडर से लागू होगा। आवश्यकता पड़ी तो स्कूलों में कंप्यूटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। डिजिटल कंटेंट को एप के माध्यम से भी बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा।