02-July-2022

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BPSC Paper Leak: BPSC पेपर लीक से चर्चित IAS रंजीत कुमार सिंह का क्या है रिश्ता, जानिए पूरी कहानी

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BIHAR: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त परीक्षा पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज हो गई है. बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता समेत चार को गिरफ्तार करने के बाद अब ईओयू ने तीन और लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं इस मामले में एक IAS का नाम भी सामने आया है. जो चर्चित IAS रंजीत कुमार सिंह हैं. ईओयू की एफआईआर रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है. ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर IAS रंजीत कुमार सिंह का BPSC पेपर लीक से क्या रिश्ता है.

दरअसल ईओयू की एफआईआर रिपोर्ट इसकी जानकारी दी गई है कि 67वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से पहले परीक्षा नियंत्रक के मोबाइल पर सुबह 11.43 बजे लीक हुए C सेट का क्वेश्चन पेपर भेजा गया था. एफआईआर रिपोर्ट में बताया गया है कि BPSC के परीक्षा नियंत्रक को लीक हुए C सेट का क्वेश्चन पेपर उनके मोबाइल नंबर 9472276281 पर किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल नंबर 9472343001 से उन्हें 8 मई 2022 को परीक्षा शुरू होने से 17 मिनट पहले यानि 11:43 बजे भेजा गया था.

दरअसल एफआईआर में जिस नंबर से BPSC के परीक्षा नियंत्रक को प्रश्न पत्र भेजा गया था वो नंबर बिहार पंचायती राज के निदेशक और चर्चित आईएएस रंजीत कुमार सिंह का है. वहीं दूसरा नंबर परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार का है. एफआईआर में ईओयू के डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि यह कार्य किसी बड़े संगठित गिरोह द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया है. आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए यह किया गया है. हालांकि बताया जा रहा है कि IAS रंजीत कुमार सिंह को कहीं से ये लीक हुआ C सेट का क्वेश्चन पेपर आया था. जिसके बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस क्वेश्चन पेपर को BPSC के परीक्षा नियंत्रक के पास भेज दिया.

बता दें कि बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता समेत चार को गिरफ्तार करने के बाद अब ईओयू ने तीन और लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए तीनों लोगों का ईओयू (EOU) ने मोबाइल और लैपटॉप खंगाला है. इन तीनों से ईओयू ने लंबी पूछताछ की है. इससे पहले बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता, बीकेएस कॉलेज के सेंटर सुपरिटेंडेंट योगेन्द्र प्रसाद सिंह, एग्जामिनेशन कंट्रोलर सुशील कुमार सिंह और डिप्टी सुपरिटेडेंट अगम कुमार सहाय को गिरफ्तार किया गया है. इन सभी आरोपियों की निगरानी कोर्ट में पेशी हुई. जिसके बाद निगरानी कोर्ट ने चारों लोगों को जेल भेज दिया.

बताया जा रहा है कि BDO समेत चार की गिरफ्तारी महज शुरुआत है. दरअसल पेपर लीक कांड में 100 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी जांच के दायरे में हैं. और बताया जा रहा है दो से तीन दिनों में ईओयू इनपर बड़ी कार्रवाई कर सकती है. अभी जांच शुरू हुई है और इसके दायरे में बीपीएससी के अफसर और कर्मचारी भी हैं. ईओयू ने बीपीएससी से उन सभी कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर की लिस्ट मांगी है जो परीक्षा की इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे हैं. ईओयू के सूत्रों के मुताबिक बीपीएससी के ऐसे कर्मियों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है.

बतातें चलें कि रविवार को आयोजित हुई बीपीएससी की 67वीं पीटी परीक्षा पांच घंटे बाद ही रद्द कर दी गयी. इस मामले की जांच करने के लिए एक स्पेशल कमेटी का गठन किया गया था. जिसे 2 घंटे में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. लेकिन कमेटी ने देर न करते हुए 3 घंटे में ही रिपोर्ट सौंप दी. आयोग के अध्यक्ष आरके महाजन ने प्रश्न पत्र लीक होने की जांच कराने के लिए डीजीपी से अनुरोध किया. आयोग के अनुरोध के बाद डीजीपी ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) को सौंप दी. EOU की 14 सदस्यों की विशेष टीम BPSC पेपर लीक कांड की जांच में जुटी हुई है. इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने एसपी सुशील कुमार के नेतत्व में एसआइटी बनायी है. 14 सदस्यीय इस टीम में साइबर एक्सपर्ट से लेकर ट्रेंड डीएसपी व इंस्पेक्टर तक को शामिल किया गया है.