28-June-2022

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Bihar: IAS पूजा सिंघल सहित करीबी लोगों के 20 ठिकानों पर ED की छापेमारी, मुजफ्फरपुर में ससुर के आवास पर भी छापेमारी

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BIHAR: अवैध खनन मामले में ईडी (ED) ने शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे IAS पूजा सिंघल सहित उनके करीबी लोगों के 20 ठिकानों पर देशभर में छापेमारी की है. यह कार्रवाई झारखंड की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनसे जुड़े सत्ता के करीबी व्यक्तियों के 20 ठिकानों पर की गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक साथ झारखंड के रांची, खूंटी, राजस्थान के जयपुर, हरियाणा के फरीदाबाद व गुरुग्राम, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बिहार के मुजफ्फरपुर और दिल्ली-NCR में छापेमारी की है.

मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में भी IAS पूजा सिंघल के ससुर के आवास पर छापेमारी हो रही है. यह मकान पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा का है. वे भी बिहार सरकार में पदाधिकारी थे. उनके पुत्र अभिषेक झा से पूजा सिंघल ने दूसरी शादी की है. आईएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक के आवास पर भी ईडी ने छापेमारी की है. दरअसल आईएएस अधिकारी राहुल पुरवार से तलाक के बाद पूजा सिंघल ने अभिषेक से शादी की थी.

शुक्रवार की सुबह गोड्डा के सांसद डा. निशिकांत दुबे ने भी ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट में आरोप लगाया है कि पूजा सिंघल ने मुख्यमंत्री, उनके भाई, गुर्गों आदि को कौड़ी के भाव में खान आवंटित किया. आखिर उनके यहां ईडी का छापा पड़ ही गया जो देश में 20 ठिकानों पर चल रहा है. यह छापेमारी रांची, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई में चल रही है. बताया जा रहा है कि कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी की सूचना है. अमित अग्रवाल को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी बताया जाता है.

बता दें कि ईडी ने मनरेगा घोटाले के एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की जानकारी से संबंधित शपथ पत्र दायर की थी. ईडी ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपये के घोटाले के वक्त वहां की उपायुक्त पूजा सिंघल थी. शपथ पत्र में बताया था कि पूजा सिंघल चतरा जिले में अगस्त 2007 से जून 2008 तक उपायुक्त के पद पर तैनात थीं. आरोप है कि उन्होंने दो एनजीओ को मनरेगा के तहत छह करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था. वहीं पलामू जिला में उपायुक्त रहते हुए पूजा सिंघल पर यह आरोप है कि उन्होंने करीब 83 एकड़ जंगल भूमि को निजी कंपनी को खनन के लिए ट्रांसफर किया था.