30-November-2022

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बिहार: पटना में तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए बच्चे की बलि, तीन साल के अमन की पड़ोसी ने की हत्या, आरोपी के बेटे ने बताया मम्मी-पापा ने मारा

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बिहार के पटना के नौबतपुर में एक तीन साल के मासूम बच्चे की हत्या (Murder of three year old child) कर उसके शव को पशुओं के चारा खाने वाले नाद में फंक दिया गया था.

मंगलवार को जब बच्चे का शव बरामद किया गया था तब उसके हाथ पैर बंधे हुए. कहा गया था कि बच्चे की बेरहमी से हत्या की गई थी.

इसके बाद अब पुलिस ने बच्चे की हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. पुलिस ने कहा है कि तंत्र-मंत्र कर सिद्धी पाने के लिए बच्चे के पड़ोसी दंपती ने ही उसकी हत्या की थी. इस मामले में आरोपी दंपत्ति के पांच साल के बेटे बोचल ने बताया कि उसके मां-बाप ने ही अमन की हत्या की थी.

सोमवार को हुई थी अमन की हत्या

दरअसल पटना के नौबतपुर थाना इलाके के रुस्तमगंज गांव में एक तीन वर्षीय मासूम की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसके शव को जानवरों के नाद में फेंक दिया गया था.लोगों ने जब बच्चे का शव बरामद किया था तब उसके हाथ और पैर में रस्सी से बंधे हुए थे. मासूम की पहचान रुस्तमगंज गांव के रहने वाले नसीबन रविदास के तीन साल के बेटे अमन के रूप में हुई थी. तब अमन मां-बाप ने हत्या का आरोप अपने पड़ोसी शकुंतला देवी और मथुरा रविदास पर लगाया था. पुलिस ने मामले में दोनों से पूछताछ की तो उसने खुद को बेकसूर बताया. पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने खुद को बेकसुर बताया. लेकिन उनके कुकर्मों का राज उनके पांच साल के बेटे ने खोल दिया.

आरोपी के बेटे ने खोला राज

पुलिस ने आरोपी के पांच साल के बेटे को साथ ले जाकर जब पूछताछ की तो उसने बताया कि अमन की हत्या उसके मम्मी पापा ने ही की है. बोतल ने बताया कि दोनों ने अमन की गला दबाकर हत्या की और शव को नाद में फेंक दिया. इसके बाद पुलिस ने जब शकुंतला देवी और मथुरा रविदास से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पुलिस के पास सब उगल दिया और हत्या की बात स्वीकार ली. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया

तंत्र-मंत्र और सिद्धि के लिए बच्चे की बलि

मामले में आरोपी ने बताया कि दोनों ने तंत्र-मंत्र और सिद्धि पाने के लिए अमन की बलि चढ़ाई थी. कहा जा रहा है कि इस दंपत्ति ने पहले भी गांव के एक बच्चे को बलि के लिए उठाकर ले गए थे. लेकिन इसकी भनक गांव वालों को लग गई, जिसके बाद हो हल्ला होने के बाद बच्चे को छोड़ दिया. लेकिन तीन साल का मासूम उस बच्चे की तरह भाग्यशाली नहीं था