30-November-2022

Before Publish News

Before Publish News Covers The Latest And Trending News on Village, City, State, Country, Foreign, Politics, Education, Business,Technology And Many More

Bihar: बिहार की अर्थव्यवस्था में जान फूकेंगे मक्का किसान, किसानों के खाते में प्रति वर्ष आएगा 2500 करोड़

Share This Post:

BIHAR: इथेनॉल प्रोडक्शन के एरिया में अगले दो वर्षो में 30 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश आये हैं। उस इनवेस्टमेंट से इन्वेस्टर्स का पैसा तो बनेगा ही, किसानों की भी चांदी होगी। इथेनॉल के ग्रीन फील्ड ग्रेन प्लांट लगने के मक्का प्रोडक्शन किसानों के दिन फिरने जा रहे हैं। वह इसके हेतु कि इथेनॉल प्रोडक्शन का मुख्य कच्चा माल इकलौता मक्का है। अनुमान के अनुसार वार्षिक ढाई हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि किसानों के खाते में जायेगी। बिहार में मक्का का प्रोडक्शन 35 लाख टन वार्षिक से ज्यादा है। प्रोडक्शन में वार्षिक पांच फीसदी की बढ़ोतरी होती है। इथेनॉल प्लांट्स जैसे-जैसे धरातल पर उतरेंगे, मक्का नकदी फसल (कैश क्रॉप ) में बदल जायेगा। मक्का प्रोडक्शन के लाखों किसानों को लाभ होगा।

बिहार में 30 हजार करोड़ का आइवेस्टमेंट होना तय
बिहार में धान के बाद यही एक ऐसी फसल है, उसमे सर्वाधिक बढ़ोतरी दर है। बिहार में पहला ग्रीन फील्ड इथेनॉल प्लांट पूर्णिया में हाल में चालू हुआ है। मक्का के अतिरिक्त टूटे चावल से इथेनॉल बनाने की स्वीकृति प्रदेश में दी गयी है। कच्चे माल की सुलभता के मुताबिक से मक्का सस्ता एवं सरलता से उपलब्ध होने वाला वस्तु है। इस तरह धान बड़ी व्यापारी फसल के स्वरूप में उभर सकता है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट की आधिकारिक इनफॉर्मेशन के अनुसार इथेनॉल प्रोडक्शन के एरिया में अगले दो सालो में बिहार में 30 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट होना तय है।

इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट के आर्थिक विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार एक हजार केएलडी (किलो लीटर पर डे ) के मक्का आधारित प्लांट से इथेनॉल निर्माण पर उद्यमी को मक्का खरीद पर टोटल वार्षिक 109 -125 करोड़ खर्च करने होंगे। एक हजार लीटर के प्लांट के हेतु 78 हजार टन वार्षिक मकई की आवश्कता पड़ेगी। मकई की सामान्य दाम 14 रुपये पर किलो है। इस कीमत पर किसानों की जेब में 109-125 करोड़ जायेंगे, क्योंकि इथेनॉल की मांग बढ़ते ही मक्का का दम उसके घोषित न्यूनतम समर्थन शुल्क 1850 से भी ज्यादा होने की आशा है।

हर प्लांट में सौ को प्रत्यक्ष जीविका
प्रत्येक प्लांट में प्रत्यक्ष तरीके पर सौ लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्यमी को तकरीबन 3 से 4 करोड़ रुपये उनकी सैलरी पर खर्च करने होंगे। एक हजार केएलडी के प्लांट से वर्ष में 3.5 करोड़ लीटर इथेनॉल बनाया जाएगा। पेट्रोलियम कंपनियां एक लीटर इथेनॉल अभी 52.92 रुपये की दर से खरीदती हैं। इस प्रकार से इन्वेस्टर को 174 करोड़ रुपये पेट्रोलियम कंपनियों से मिलेंगे।