27-June-2022

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Ram Navami: पटना में दिखेगा देवलोक का नजारा, राम जन्म के समय महावीर मंदिर पर आकाश से होगी पुष्पवृष्टि

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DESK: इस बार पटना स्थित महावीर मंदिर में रामनवमी उत्सव बहुत खास है. जिस प्रकार त्रेता युग में भगवान राम के जन्म के समय देवताओं ने आकाश से पुष्पवृष्टि की थी, उसकी झलक महावीर मंदिर में दिखाई देगी. रविवार यानि 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन राम जन्म के समय यानी मध्याह्न 12 बजे महावीर मंदिर के ऊपर तीन ड्रोन फूलों की वर्षा करेंगे. महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि दोपहर 11.50 से 12.20 तक महावीर मंदिर में भगवान राम का जन्मोत्सव होता है. इस अवधि में तीन ड्रोन से फूलों की वर्षा होगी.

आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि दो वर्षों तक कोरोना संक्रमण के कुप्रभाव से रामनवमी उत्सव नहीं मनाया जा सका था. इस बार कोरोना से रामनवमी उत्सव प्रभावित नहीं होने पर पुष्पवृष्टि का संकल्प लिया गया था. दिल्ली की ड्रोन एजेंसी की मदद से यह संकल्प पूरा हो रहा है. आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि एजेंसी तीन ड्रोन की सेवा पुष्पवृष्टि के लिए मुहैया करा रही है. शनिवार को दिल्ली से तीनों ड्रोन पटना आ जाएंगे.

शनिवार को पुष्पवृष्टि का ट्रायल भी होगा. आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि पहले हेलिकॉप्टर से पुष्पवृष्टि का विचार आया था. किन्तु ड्रोन से पुष्पवृष्टि अधिक सुविधाजनक होने के कारण ड्रोन की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया. आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि बिहार के इतिहास में पहली बार मंदिर के किसी आयोजन में पुष्पवृष्टि होगी. भारत में अयोध्या के बाद पटना के महावीर मंदिर में रामनवमी के दिन सबसे अधिक भक्त प्रसाद चढ़ाने और दर्शन के लिए आते हैं. इस बार यह संख्या 3 लाख से 5 लाख तक हो सकती है. ऐसे में दो वर्षों के गतिरोध के बाद मन रहे राम जन्मोत्सव पर आकाश से पुष्पवृष्टि से भक्तों का उत्साह बढ़ेगा.

महावीर मंदिर में रामनवमी की व्यवस्था

1.मंदिर का पट्ट 2 बजे भोर में खोल दिया जायेगा और 12 बजे रात्रि तक पूरे 22 घंटा खुला रहेगा.

2.महावीर मंदिर में जो प्रसाद, माला आदि चढ़ाना चाहते हैं, उन्हें पंक्तिबद्ध होकर उत्तरी द्वार से प्रवेश करना होगा. मंदिर के उत्तरी द्वार से जीपीओ गोलम्बर तक घेराबंदी कर छाया की व्यवस्था की गयी है. इसमें दो कतारें- एक पुरुषों के लिए तथा दूसरी महिलाओं के लिए बनायी गयी है. जीपीओ गोलम्बर के बाद यह पंक्ति सीधे पश्चिम दिशा में आर ब्लॉक चौराहा की ओर जायेगी. पंक्ति की लम्बाई अधिक हो जाने के कारण भक्तों से आग्रह है कि वे स्वविवेक से पंक्तिबद्ध होकर आयें.

3.केवल दर्शन करनेवाले भक्तों के लिए जिनके पास प्रसाद या माला नहीं होगी, 7 बजे प्रातः से दर्शन सुलभ होगा. वे पूर्वी प्रवेश द्वार से पंक्तिबद्ध होकर परिसर में प्रवेश करेंगे.

4.प्रत्येक वर्ष की तरह मंदिर प्रबन्धन के द्वारा मंदिर के उत्तरी द्वार से जीपीओ गोलम्बर तक गर्मी से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था की गयी है. पुरुषों एवं महिलाओं की अलग-अलग समानान्तर पंक्तियां जीपीओ तक जायेंगी. उनकी सुविधा के लिए जीपीओ गोलम्बर तक पण्डाल बनाये गये हैं, जिसमें पंखे भी लगे रहेंगे. शरबत एवं पानी की व्यवस्था जगह-जगह पर यथेष्ट रूप से की गयी है.
5.पण्डाल के अन्दर क्लोज सर्किट टीवी पर मंदिर के भीतर का दृश्य दिखाई पड़ेगा, जिससे पंक्तिबद्ध हुए भक्तों को विग्रह के दर्शन के साथ-साथ पंक्ति की त्वरित गति का आभास होता रहेगा. ऐसे 16 बड़े टीवी स्क्रीन और प्रोजेक्टर लगाये गये हैं.

6.भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 10 पुजारी अयोध्या से बुलाये गये हैं. मंदिर में उस दिन चार पुजारी प्रसाद चढ़ाने के लिए सदैव उपस्थित रहेंगे.

7.जो भक्त हनुमानजी का दर्शन कर भू-तल से ही वापस जाना चाहेंगे, वे पूर्वी निकास द्वार से बाहर निकलेंगे. जो भक्त द्वितीय एवं तृतीय तल पर जायेंगे, उन्हें ऊपर से नीचे जाने के लिए दक्षिण की ओर राम-जानकी मन्दिर के ऊपर से सीढ़ी से उतर कर स्टेशन की ओर बाहर निकलने की सुविधा होगी.

8.मंदिर की ओर से स्वयंसेवक, सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध होने तथा पंक्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए तैनात किये गये हैं. इसके अतिरिक्त स्थानीय पुलिस-प्रशासन की भी व्यवस्था की गयी है. मंदिर-परिसर के बाहर दो प्राथमिक उपचार केन्द्र एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था है, ताकि श्रान्त, क्लान्त भक्त को तुरंत राहत दी जा सके.

9.नैवेद्यम् लड्डू की बिक्री हेतु मध्य-रात्रि से 13 काउन्टर बाहर लगाये जायेंगे. मंदिर के भीतर का स्थायी काउन्टर उस दिन तब तक बन्द रहेगा, जब तक भक्तों की कतार मन्दिर के बाहर रहेगी. संध्या में मन्दिर के भीतर का नैवेद्यम् काउण्टर खुलने की संभावना है.

10.मंदिर में सुबह 11.50 से दोपहर 12.20 बजे तक भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जायेगा. इस पूजा के बाद तीनों ध्वज बदले जाएंगे. इसके बाद जन्मोत्सव आरती होगी. इस अवसर पर निर्मित विशिष्ट रोट-प्रसाद का वितरण होगा.