27-June-2022

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बिहार के गांवों में भी होगी 24 घंटे बिजली की आपूर्ति, ट्रांसमिशन नेटवर्क का किया जा रहा विस्तार

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DESK: इन दिनों बिहार सरकार राज्य में विकास को लेकर अग्रसर है। पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने की मुहिम भी तेज कर दी गई है। राजधानी पटना के अलावा अन्य शहरों में रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के बाद बिहार के सभी गांवों में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की योजना तैयार किया जा रहा है।

बिहार में लगतार बढ़ती हुई बिजली की मांग को देखते हुए सरकार भी इसकी क्षमता बढ़ाने की तैयारी में लगी है। बिहार सरकार राज्य के सभी ट्रांसमिशन लाइन की क्षमता में विस्तार कर बिजली कट पर अंकुश लगाने की प्रयास में है। जिससे राज्य के प्रत्येक गांव तक 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो सके। ट्रांसमिशन योजना के मुताबिक वर्ष 2023-24 में राज्य में बिजली की मांग सबसे ज्यादा होने की उम्मीद की जा रही है।

जानकारो का कहना हैं कि उस वक्त 7 हजार 521 मेगावाट तक बिजली डिमांड हो सकता है। इसी के मद्देनजर बिजली सप्लाई के लिए पहले ही 13 हजार 540 मेगावाट क्षमता से अधिक का ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाया जाएगा। हाल ही में केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्री राज कुमार सिंह ने सीतामढ़ी में पावर ग्रिड का उद्घघाटन किया था।

ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रांसमिशन की कई प्रोजेक्ट इस साल पूरी हो‌ जाएगी। जिसमे सहरसा, सीतामढ़ी एवं गया के चंदौती में 400 केवी पावरग्रिड के बाद इससे जुड़ा 4 डाउन लिंकिंग ट्रांसमिशन लाइन पूरा किया जाएगा। इसके अलावा मार्च 2023 से पहले रक्सौल में 220 केवी ग्रिड उपकेंद्र पूर्ण करने के लिए कोशिश की जा जारी है।

बता दें कि बिहार राज्य योजना से 2 हजार 149 करोड़ की लागत से 7 नए ग्रिड उपकेंद्र तैयार किया जाएगा। वहीं बक्सर के चौसा के थर्मल पावर प्लांट से विद्युत आपूर्ति हेतु 3 ट्रांसमिशन लाइन को पूरा किया जाएगा है। इसमें कुल 817 करोड़ रुपए की लागत आएगी। वहीं राज्य के बख्तियारपुर में 664.76 करोड़ की लागत से 400 केवी जीआइएस ग्रिड उपकेंद्र बनाया जाएगा।

इसके अलावा इस वर्ष कई अन्य योजनाएं भी पूरा किया जाएगा। ट्रांसमिशन लाइन की खाशियत यह है कि बड़ी आबादी को बिजली की सुविधा रोटेशन पर आसानी से मिल सकेगी। साथ ही वोल्टेज और फॉल्ट की समस्या भी दूर होगी। जबकि पुराने उपकरणों से लोड कम कर बिजली की बढ़ रही मांगों को पूर्ण करने हेतु वैकल्पिक सुविधा प्रदान की जाएगी।