06-October-2022

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ढोलबज्जा में, जमीन कब्जा कर घर बना रहे महादलित परिवार हटने को तैयार नहीं,सरकार से जमीन देकर बसाने की कर रहे मांग

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कब्जाधारी महादलित परिवार

रिपोर्ट/-मनीष कुमार मौर्या/-ढोलबज्जा: थाना क्षेत्र के महादलित टोला समीप राजेश कुमार की 80 डिसमिल जमीन को कब्जा कर घर बना रहे दर्जनों महादलित परिवार हटने को तैयार नहीं हैं. जमीन खाली करने से पहले कब्जाधारियों ने पहले भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाने की मांग सरकार से कर रहे हैं. पुराने पर्चा धारी रिंकू देवी ने बताया कि- हमलोग ढोलबज्जा महादलित टोला का स्थाई निवासी हैं. भूमिहीन होने के कारण 12 साल पहले पांच लोगों को बासगीत पर्चा मिला है. जिसमें रिंकू देवी को 8 डिसमिल, सकुनी देवी, पिंकी देवी, बिजली देवी व प्रमिला देवी को 5-5 डिसमिल जमीन की पर्चा मिला है.

इसके अलावे करीब 25 ऐसे भूमिहीन महादलित परिवारों हैं, जिन्होंने अंचल कार्यालय का चक्कर काटते-काटते जब किसी से कोई मदद नहीं मिली तो परेशान होकर इस जमीन को भू-दान की जमीन समझ कर जमीन को कब्जा कर घर बना रहे हैं. मीडिया से मुखातिब संजीव कुमार, बिलास राम, मोती राम, बिपिन राम, राजेश राम, सिकेंद्र राम, मुन्ना, संजय, ढोढ़ाय व अखिलेश राम ने बताया कि- हमलोगों को बसने के लिए जमीन नहीं है.

सरकार हमलोगों को जमीन दे. नहीं दिया तो हम सब कहीं नहीं जायेंगे. चाहे जो हो जाय. महादलित परिवारों ने आगे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन के लिए बाध्य होने की भी बात बताई है. वहीं जमीन कब्जा कर घर बना रहे मुन्ना राम की पत्नी रानी देवी व राजेश राम की पत्नी ने बताई कि- प्लास्टिक की छत्ती व कपड़ा से घेर कर, जिस जमीन पर हम दोनों ने घर बनाई हैं. उस घर में मंगलवार की अहले सुबह करीब 3:00 बजे पांच की संख्या में आए अज्ञात लोगों ने आग लगा दी. आग की चिंगारी देख जब शोर मचाया तो सभी लोग दक्षिण दिशा की ओर भाग निकले. अंधेरा होने के कारण किसी को पहचान नहीं पाए.

देर शाम रानी देवी ने ढोलबज्जा थाने में आवेदन देने की प्रक्रिया कर रहे थे. वहीं जमीन मालिक विन्देश्वरी प्रसाद जायसवाल के बेटे राजेश कुमार ने बताया कि- उक्त जमीन मेरा रजिस्ट्री व खतियानी है. जो 1953-54 ईस्वी में भूदान हुआ था. 1961 में रजिस्ट्री व 1977-78 ईस्वी में खतियान मेरे दादा जी स्व० जगरूप प्रसाद के पुत्र सरयुग प्रसाद जायसवाल के नाम से बना है. जिन पांच महादलित परिवारों का पहले पर्चा बना है, उसमें जमीन मालिक जगरनाथ प्रसाद भगत के बेटे सरयुग प्रसाद भगत हैं.

जिसका मामला डीएम, डीसीएलआर, एडीएम व सीओ के साथ अन्य पदाधिकारियों के नजरों में है. उस पांच पर्चा धारियों के अलावे भी दर्जनों महादलित परिवारों ने जबरदस्ती मेरे जमीन को कब्जा कर घर बना रहे हैं. वहीं आगजनी के बारे में पूछा गया तो राजेश कुमार ने बताया कि- इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है. हम तो अपने कागजातों लेकर कानून के साथ खड़े होकर न्याय की मांग कर रहे हैं.