02-July-2022

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ढोलबज्जा: कदवा में अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक की सोए अवस्था मे आँख और पीठ में गोली मारकर की हत्या; मचा कोहराम

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ढोलबज्जा(मनीष कुमार मौर्या): कदवा ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापनगर कदवा में, सोमवार की रात करीब 1:00 बजे अज्ञात अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक आनंदी प्रसाद सिंह (85) को गोली मार कर हत्या कर दी. आनंदी अपने दो मंजिला मकान के छत नीचे अपने कमरे में सो रहे थे. जहां अपराधियों ने उसे तीन गोलियां खिड़की के बाहर से हीं मारी है. जिससे मौके पर हीं आनंदी प्रसाद का मौत हो गया है. गोली बाएं आंख, गला के नीचे व पीट पर मारी गई है. परिजनों ने बताया कि- घटना की रात मृतक के पुत्र शंभू सिंह कहलगांव के चपरघट गांव शादी समारोह में बरात चले गए थे. मृतक की पत्नी का देहांत पहले हो चुकी है. घर में अकेली मृतक की बहू (पुतोह) किरण देवी मकान के ऊपर वाले कमरे में सोई हुई थी. किरण ने बताया कि- रात में हमको एक आवाज सुनाई दी तो मुझे लगा की बगल के फोरलेन सड़क पर किसी गाड़ी की टायर फटी होगी.

सुबह करीब पांच बजे उठ कर कमरा में झाड़ू लगाने गई तो देखा ससुर बैड पर सोया हुआ हैं. जब बैड के नीचे झाड़ू लगाने लगे तब खून दिखाई दिया. उसके बाद पता चला मेरे ससुर जी का किसी ने हत्या कर दी है. हत्या की सूचना अपने पति और अन्य परिजनों को दिया. सुबह करीब छः बजे घटना की सूचना कदवा ओपी थाना की पुलिस को मिलने के बाद सदल-बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने शव को अपने कब्जे में लिया. वहीं घटना की सूचना मिलने पर नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार भी मौके पर पहुंच मामले की जांच पड़ताल कर रहे थे. हत्या के कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रहे थे. परिजन बता रहे थे कि मृतक को किसी से कोई बिवाद नहीं था. उसके पास जो भी नौकरी व पेंशन के रुपए पैसे थे उसके वह खूद मालिक थे. मृतक अपना नौकरी के कमाई व पेंशन के मोटी रकम दुसरे के यहां ब्याज पर देन-लेन करता था. लेकिन, बेटा-पुतोह को कुछ नहीं बताते थे. परिजनों ने पुलिस के सामने आशंका जाहिर कर बता रहे थे कि किसी के साथ मोटी रकम देन-लेन करने के कारण भी कर्जदारों ने हत्या कर सकता है. वहीं पुलिस ने घटनास्थल के मृतक वाला कमरे में से उसके पुतोह का एक जोड़ा चप्पल बरामद किया है.

गांवों में ग्रामीणों ने कर रहे थे चर्चा: गांवों में लोग दबे जुवान से तरह तरह की चर्चा कर रहे थे कि- आनंदी हर रोज अहले सुबह करीब तीन-चार बजे हीं मॉर्निंग वॉक के लिए बाबा बिशु राउत पुल की ओर अकेले जाता था. उसको किसी से बिवाद रहता तो अपराधियों द्वारा आसानी से उधर हीं अंधेरे का फायदा उठा कर उसकी हत्या किया सकता था. लेकिन घर पर चढ़ कर हत्या करना एक जांच का बिषय है. साथ हीं ग्रामीणों यह बोल रहे थे कि बीते रविवार को आनंदी प्रसाद सिंह के गोतियारी यानी अपने परिवार के फरीकन बीच बंटवारे को लेकर जमीन की मापी अमीन से कराई जा रही थी. जहां अपने परिवार के एक व्यक्ति से थोड़ा बकवास भी हुआ था. वहीं लोग यह भी बोल रहे थे कि- आनंदी प्रसाद की एक बसोबास जमीन बीच गांव में भी है. जिस पर उसके परिवार के कुछ लोग रह रहे हैं.

उसके परिवार को कम जमीन होने के कारण उसके दिक्कत देख आनंदी उस जमीन को परिवार के लोगों पास बेचना चाह रहे थे. जिस पर मृतक के पुत्र शंभू सिंह पिता को जमीन बेचने से मना कर रहे थे. इसलिए शक की सूई परिवारिक बिवाद की ओर भी इशारा कर रहे हैं. पुलिस हर बिन्दुओं पर जांच पड़ताल कर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं एफएसएल टीम के इंतजार में दोपहर तक शव उसके आवास पर पड़ा रहा. उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा गया. ज्ञात हो कि मृतक आनंदी प्रसाद गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत मवि अभिया बाजार के शिक्षक थे. जो 2000 ईस्वी में सेवानिवृत्त हुए थे. आनंदी प्रसाद के हत्या से परिजन व अन्य रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं.

खुले खिड़की से सटा था मृतक का बैड:
कदवा के सेवानिवृत्त शिक्षक आनंदी प्रसाद सिंह का बैड उसके कमरे के खुली खिड़की के पास करीब एक फीट की दूरी पर हीं था. बाहर से खिड़की की जमीन से उंचाई करीब तीन फीट होगी जहां अपराधियों द्वारा खिड़की के बाहर से गोली मार हत्या किए जाने की बात कही जा रही है. आनंदी प्रसाद के दरबाजे के आगे पूरब, उत्तर व पश्चिम दिशा की ओर से करीब सात फीट ऊंची चारदीवारी है. जिसमें उत्तर की ओर से द्वार प्रवेश करने से पहले लोहे की ग्रील वाली गेट लगी हुई है. जिससे अपराधी आसानी से अंदर प्रवेश नहीं कर सकते हैं. तीन दिशाओं से चारदिवारी घेरा हुआ तो है लेकिन, दक्षिण दिशा की तरफ बिना चारदिवारी के हीं द्वार खुला हुआ है. बगल में फसल कटाई के बाद परती खेत भी खाली पड़ी है. जहां से कोई भी आसानी से प्रवेश कर सकता है.

अपराधियों को कमरे के अंदर घुस कर हत्या करने से पहले उसे मकान के मेन गेट से प्रवेश कर शिक्षक के सोए कमरा के दहलीज पर आना पड़ता. उसके बाद फिर उसके कमरा में जाकर गोली मारना पड़ता. लेकिन मकान के मेन गेट अंदर से बंद था. मेन गेट से प्रवेश करने के बाद हीं पुनः हर कमरे में जाने के लिए गेट लगी हुई है. मृतक के मकान में प्रवेश करने के बाद दहलीज हो पीछे आंगन जाने के लिए एक गेट लगी हुई है. फिर आंगन के पीछे दक्षिण-पूरब कोने से होकर खुली चारदिवारी के तरफ जाने के लिए भी एक गेट लगी है. पूछे जाने पर परिजनों ने बताया कि यह सब गेट बंद थे. वहीं घटना के बाद मृतक के जेब से एक सिंपल सेट मोबाइल फोन भी बरामद की गई है. जिससे भी पुलिस को कुछ सुराग मिल सकता है.