30-September-2022

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नवगछिया/क्राइम: दोस्त ने घर पर रखी पार्टी, फिर गोली मारकर कर हत्या,गहरे सदमे में है परिजन!

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-आलोक उर्फ आकाश की हत्या में शामिल थे पांच से छः लड़के – हत्या से पहले मुख्य आरोपी चिक्कू के घर पर चली थी पार्टी।


नवगछिया – नवगछिया के सिमरा गांव निवासी आलोक झा उर्फ आकाश हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी घटना के दूसरे दिन भी फरार चल रहा है. दूसरी तरफ इसी मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी चिक्कू झा के भाई मिक्कू झा को नवगछिया पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने सघन पूछताछ करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. घटना के संदर्भ में परिजनों का कहना है कि आलोक की हत्या को अंजाम देने में सिर्फ चिक्कू और उसका भाई ही नहीं बल्कि 5 से 6 लड़के शामिल हैं. परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. घटना के बाद से ही मृतक आलोक झा के परिजन गहरे सदमे में है.

देर रात चिक्कू के घर पर चली थी पार्टी

बात सामने आई है कि नवगछिया स्टेशन पर अपने संबंधी सधुवा निवासी मुकेश को छोड़ने के बाद आलोक झा स्टेशन पर ही एक पान दुकान के पास आता है. परिजनों का कहना है कि नवगछिया स्टेशन के पास से ही गांव का ही एक युवक आलोक के इर्द-गिर्द मंडरा रहा था. खुद मुकेश ने भी इस बात की पुष्टि की है. परिजनों ने कहा कि उन लोगों को यह भी पता चला है कि नवगछिया स्टेशन पर आलोक झा को चिक्कू ने फोन करके घर बुलाया था. घर पर पहले पार्टी चले थे और उसके बाद चिक्कू ने अपने दोस्तों के साथ आलोक की हत्या अपने घर के ही पास कर दी थी. मृतक के पिता महेश झा का यह भी कहना है कि घटना को भ्रामक बनाने के लिए मृत अवस्था में आलोक को अपराधियों उनके घर के बगीचे के पास लाया और एक पेड़ के नीचे सब को उस तरह से रखा गया जैसे लोगों को देखने में लगे कि यह मामला दुर्घटना का है. लेकिन लोगों की आवाजाही के कारण आरोपी अपनी ही मोटरसाइकिल लेकर नहीं भाग पाए. परिजनों ने कहा कि अगर बगीचे में आलोक का कत्ल किया गया रहता तो निश्चित रूप से आसपास के लोगों को गोली चलने की आवाज सुनाई देती. लेकिन ना तो किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी और ना ही किसी प्रकार का हो हल्ला हुआ. सब रखने के दौरान लोगों की आवाजाही और आनन-फानन में अपराधियों ने चिक्कू की मोटरसाइकिल को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया.

कौन था आकाश की पत्नी को फोन करने वाला युवक

आलोक उर्फ आकाश की पत्नी श्वेता कुमारी का कहना है रात्रि में जब उसके पति स्टेशन पर थे तो उनके मोबाइल पर एक कॉल आया. कॉल करने वाले लड़के ने आलोक का ठिकाना पूछा. आलोक की पत्नी का कहना है कि उसने कहा कि आलोक घर पर नहीं है तो उस लड़के ने आलोक के नंबर की मांग की.

श्वेता कुमारी मृतक की पत्नी

श्वेता कुमारी का कहना है कि उसने उस लड़के को आलोक का नंबर दे दिया. मृतक की पत्नी ने कहा कि वह उस लड़के को पहचानती तो नहीं है लेकिन उसका नंबर उसके मोबाइल में है और वह लड़का बोल रहा था कि उसका घर चिक्कू के घर के पास ही है. 12:05 के बाद जब आलोक का फोन रिसीव नहीं होने लगा तो उसकी पत्नी ने उसी लड़के को फोन किया तो उस लड़के ने कहा कि मैं अभी घर पर हूं. और अगर मैं रात को घर से बाहर निकलूंगा तो लोग चोर समझकर मुझे पीटने लगेंगे. परिजनों का कहना है कि उक्त लड़के की भी भूमिका इस कांड में संदिग्ध है.

आलोक की पत्नी को पहले से ही पता था कि वह स्टेशन से आने के बाद सीधे चीकू के घर पर गया था

आलोक की पत्नी को पहले से ही पता था कि वह स्टेशन से आने के बाद सीधे चीकू के घर पर गया था. मृतक की पत्नी ने कहा कि जब आलोक स्टेशन पर थे तो उन्होंने कहा था कि वह घर आ रहे हैं. जब वह घर नहीं आए तो उन्होंने आलोक को फोन किया और पूछा कि आप कहां हैं तो आलोक मजबूरी बस सही बात नहीं बोल पाए कि वह चिक्कू के घर पर हैं. जबकि फोन पर दूसरे लड़कों की भी आवाज आ रही थी. 12:05 पर विचार आलोक को फोन किया तो आलोक ने ही उसे चिक्कू से बात कर आया और चीकू ने उसे आश्वस्त किया था कि पांच मिनट में आलोक घर के लिए निकल जाएगा.

आलोक के पिता ने कहा छिन गया बुढ़ापे का सहारा

आलोक के बूढ़े पिता महेश झा पुत्र की हत्या के बाद से गहरे सदमे में हैं. वह बार-बार खुद फूट कर रोने लगते हैं और हत्यारों को कोसते हैं. महेश झा ने कहा कि बुढ़ापे का सहारा अपराधियों ने उनसे छीन लिया है. मृतक के पिता ने कहा कि घटना के बाद जब वे अपने पुत्र की लाश को देखने के लिए गए तो वहां उन्होंने कहा कि उसके पुत्र की हत्या कर दी गई है तो वहीं पर मुख्य आरोपी का पिता भी था. वह जोर-जोर से चीखने लगा कि एक तब तो मेरा पुत्र अब इस घटना में फंस जाएगा. महेश झा का कहना है कि उसके ही चचेरे भाई को आरोपियों के परिजनों ने शनिवार को धमकी भी दी थी जिसकी शिकायत उन्होंने मौखिक रूप से नवगछिया के थानाध्यक्ष कर दी है.

परिजनों का है कहना 2 महीने की कमाई गबन करने के फिराक में था चिक्कू

परिजनों ने कहा कि करीब 1 वर्ष पहले चिक्कू ने ही आलोक बजाज फाइनेंस के काम पर लगाया था. काम शुरू करते ही लॉक डाउन लग गया. चार से पांच माह काम बंद रहा. इसके बाद जब काम शुरू हुआ तो शुरुआती दो माह आलोक के हिस्से के पैसे चिक्कू दे दिया करता था।

घटना का कारण महज ₹35 से 40 हजार का लेन देन नहीं !

महज 35 से ₹40000 के लिए चिक्कू और उसके दोस्तों ने आलोक कि हत्या कर दी है, यह बात लोगों को हजम नहीं हो रही है. लोग बता रहे हैं कि मामले में कुछ ना कुछ बड़ा भी बात जरूर है. उस विवाद को आलोक ने भी अपने परिजनों से छुपाया. बाहर हाल नवगछिया पुलिस ने श्रीपुर और मनियमोर में सघन छापेमारी की है. दूसरी तरफ घटना से संदर्भित मोबाइल लोकेशन और कॉल डाटा को भी खंगाला जा रहा है. नवगछिया के थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है तो दूसरी तरफ पुलिस ने मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया है.